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असर होता है
बहुत मुमकिन हो देर से
मगर होता है
दिल से निकली हर बात का असर होता
है
रिश्तों को रखिये शक की हद से बाहर वरना
नाग-सा है शक, नाग में ज़हर
होता है।
सोच लेना कुछ
भी बुरा करने
से पहले
एक-न-एक दिन कुदरत का भी कहर
होता है।
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दरिया की रवानी है
वक्त दरिया
है दरिया की ये
रवानी है।
मौज जो चल के आई कल चल के जानी है।
समय एक दिन औकात सबकी बता
देगा,
कल बुढ़ापा
है आज गर
तू जवानी है।
बदलते हैं सिर्फ
किरदार इस जीवन के
कल किसी की
थी आज तेरी कहानी है।
आज मैं हूँ
कल और कोई यहाँ होगा
हर किसी का हर
जगह दाना पानी है।
बाद मेरे जाने के ये समझोगे
तुम भी
ना था पहले कोई न अब मेरा सानी है।
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दर्द गहरा होता है
जब दर्द
कहीं कोई बेहद
गहरा होता है
इन मुस्कानों
पर भी उसका पहरा होता है।
बाँधों को
तोड़े नदिया अक्सर बरसातों में
पर शांत है समंदर क्योंकि गहरा होता है।
चलना ही जीवन
है, चलते जाना राही तुम
सड़ जाता है पानी
वो जो ठहरा होता है।
दिन भर में जाने कितने
बदले है आदमी
यूं कहने को तो बस एक ही चेहरा होता है।
सब
रोशनियाँ भी तब फीकी फीकी लगती हैं
दिल
के मंदिर में जब भी अन्धेरा होता है।
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बद्दुआओं में असर नहीं रहा
दायरों के अगर अन्दर नहीं रहा,
वो
समन्दर फिर समन्दर नहीं रहा।
खार-सा बदन गर
लेकर नहीं रहा,
डाली
पे वो फूल अक्सर नहीं रहा।
छत वही और इमारत भी वही मगर,
मुहब्बत थी जिसमें वो घर नहीं रहा।
बेवजह क्यूं आप देते
हैं गालियाँ,
बद्दुआओं में अब असर
नहीं रहा।
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